अमरीकी वित्त मंत्री स्टीव मिनोशेन ने कहा कि देश में बेरोज़गारी की दर 4.5 प्रतिशत थी जो कुछ ही दिनों के भीतर तेज़ी से बढ़कर 20 प्रतिशत से अधिक हो गई। दो करोड़ से ज़्यादा लोगों ने बेरोज़गारी भत्ते की मांग की।
अफ़्रीक़ी मूल की अमेरिकन महिला हलीमा मुहम्मद ने अलजज़ीरा नेट से बातचीत में कहा कि कोरोना वायरस के चलते ज़िंदगी ही बदल गई है। हलीमा घरों में सफ़ाई का काम करती हैं। महामारी फैलने से पहले वह दिन में काम शुरू करती थीं और छह सात घंटे के बाद लौटती थीं तो उनके पास 150 डालर होते थे मगर अब एक डालर की भी आमदनी नहीं है।
हलीमा का कहना है कि आजकल सस्ते खाने भी नहीं मिल रहे हैं अब मैकरोनी और सब्ज़ियों के पैकेट नहीं मिल पा रहे हैं क्योंकि महामारी शुरू होते ही लोगों ने यह चीज़ें ख़रीद कर भंडार कर ली हैं। हलीमा का कहना है कि शापिंग सेंटर में जो खाने हैं वह काफी महंगे हैं।
हलीमा की जो हालत है उसमें लाखों की संख्या में लोग फंसे हुए हैं जबकि दूसरी ओर इकानोमी बंद हो जाने के कारण विशेषज्ञों का कहना है कि अब अपराधों की दर में भी भारी वृद्धि होगी।
अमरीका में बड़े पैमाने पर हथियारों की ख़रीदारी शुरू हो गई है। महामारी फैलने के साथ ही ख़बरें आने लगी थीं कि हथियारों की दुकानों पर लंबी लंबी लाइनें हैं क्योंकि बड़ी संख्या में लोग हथियार ख़रीद रहे हैं।
वाशिंग्टन के पश्चिमोत्तरी इलाक़े फ़्रेंडशिप हाइट्स में ब्लूमिंगडाल शापिंग माल ने शीशे की दीवारों के बाहर लकड़ी की दीवार खड़ी कर दी है जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। शापिंग माल के ऐसा करने का मतलब लोग यही निकाल रहे हैं कि शापिंग माल को भी चोरी और डकैती का ख़तरा हो गया है।
एक बड़ी चिंता यह भी पैदा हो गई है कि कोरोना के कारण ट्रम्प सरकार ने हर साल अमरीका जाने वाले मौसमी मज़दूरों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह मज़दूर खेतों और बाग़ों में काम करते थे। अब मज़दूरों के न होने के कारण खाने पीने की चीज़ों की पैदावार में भारी कमी हो सकती है।
कृषि के क्षेत्र में काम करने वाले क़रीब ढाई लाख लोगों को अमरीकी प्रशासन हर साल वीज़ा देता था जिसे रोक दिया गया है। यह मज़दूर मैक्सिको और अन्य देशों से अमरीका जाते थे और मुख्य रूप से केलीफ़ोर्निया के खेतों और बाग़ों में काम करते थे।